पटल को लेकर खींचतान, दागी पर प्रशासन मेहरबान
बलरामपुर।
जिला महिला अस्पताल में बाहरी जांच व दवाओं का ही खेल कम नहीं हो रहा है, बल्कि स्टेट से आए बजट को लेकर भी खींचतान मची है। बिना टेंडर के ही अनुरक्षण निधि, रोगी कल्याण समिति, स्टेट बजट से आए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। एक ही निर्धारित फर्म से सेटिंग कर बाजार से कई गुना ज्यादा मूल्य पर तौलिया, डिटर्जेट पाउडर, साबुन समेत अन्य सामग्री खरीदी जा रही है।
ऐसे में, लूटखसोट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले वर्ष 50 कुर्सियां खरीदी गई थी, जो अब बैठने लायक नहीं रह गई हैं। सामान कोई भी हो, डिमांड आते ही लिपिक अपना कमीशन सेट करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। बजट की मलाई काटने वालों की इस लड़ाई में दागी संविदा लेखा लिपिक सब पर भारी पड़ रहा है। हाल ही में लखनऊ सीएमओ कार्यालय से आए लिपिक आरके दास ने योगदान के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का पटल मांगा लेकिन उन्हें काफी दिनों तक कोई पटल ही नहीं दिया गया।
थक हारकर लिपिक ने सीएमओ को पत्र लिखा, तब जाकर उन्हें एनएचएम की जगह आरटीआइ का पटल मिल पाया। हालांकि, स्थाई लिपिक की जगह भारी बजट वाला पटल देने संविदा लेखा लिपिक को देने की वजह अस्पताल प्रशासन नहीं बता पा रहा है जबकि वह पहले भी दागी रहा है। इसके पहले भी एक लिपिक पटल की मांग को चर्चा में रहा है।