यूपी पंचायत चुनाव 2027 में, विधानसभा के साथ होगा बड़ा मुकाबला
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। वर्ष 2026 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव अब तय समय पर होना मुश्किल माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव से पहले समर्पित पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही आरक्षण तय किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह जानकारी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल हलफनामे के माध्यम से दी है। अदालत में बताया गया कि नया ‘डेडिकेटेड ओबीसी कमीशन’ गठित किया जा रहा है, जो रैपिड सर्वे कर पंचायत स्तर पर पिछड़े वर्ग की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सीटों का आरक्षण तय होगा। पिछले पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2021 में हुए थे और मौजूदा प्रतिनिधियों का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। लेकिन आरक्षण प्रक्रिया पूरी न होने के कारण चुनाव कार्यक्रम तय नहीं हो सका है। ऐसे में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि पंचायत चुनाव अब 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के साथ कराए जा सकते हैं। कानूनी दृष्टि से, स्थानीय निकाय चुनाव में OBC आरक्षण लागू करने से पहले समर्पित आयोग की रिपोर्ट अनिवार्य मानी जाती है। यही वजह है कि सरकार पहले आयोग गठन और सर्वे प्रक्रिया पूरी करना चाहती है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की न्यायिक अड़चन न आए। फिलहाल अंतिम चुनाव तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राज्य चुनाव आयोग कार्यक्रम जारी करेगा। इस तरह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि पंचायत चुनाव 2026 में नहीं, बल्कि 2027 में विधानसभा चुनाव के साथ कराए जाने की संभावना प्रबल है।




