कृभको की 46वीं AGM: ₹824.68 करोड़ का रिकॉर्ड प्री-टैक्स प्रॉफिट, सदस्यों को 20% लाभांश का ऐलान
सहकार से समृद्धि: कृभको ने रचा कीर्तिमान, 45.37 लाख टन उर्वरक बिक्री के साथ शंकरभाई चौधरी और भगवान सिंह यादव सम्मानित
कृभको का शानदार वित्त वर्ष 2025-26: यूरिया उत्पादन में 97% क्षमता उपयोग, ग्रीन एनर्जी प्लांट अगले साल से होंगे शुरू
25 सितंबर 2026
देश की प्रमुख उर्वरक उत्पादक कृषक सहकारी संस्थाओं में से एक, कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कुभको) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹824.68 करोड़ का कर-पूर्व लाभ दर्ज किया। सोसायटी ने वर्ष के लिए अपनी सदस्य सहकारी समितियों की इक्विटी पूंजी पर 20 प्रतिशत लाभांश घोषित किया |
सोसायटी के वार्षिक लेखों को 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित अशोक होटल में आयोजित 46वीं वार्षिक आम सभा में अनुमोदित किया गया। बैठक की अध्यक्षता कृभको के अध्यक्ष श्री वी. सुधाकर चौधरी ने की। बैठक में निदेशक मंडल के सदस्यों की उपस्थिति रही तथा देशभर की विभिन्न सदस्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वित्त वर्ष 2025-26 में कृभको ने उल्लेखनीय उत्पादन प्रदर्शन किया। यूरिया का उत्पादन 21.34 लाख मीट्रिक टन तथा अमोनिया का उत्पादन 12.39 लाख मीट्रिक टन रहा, जिसमें क्रमशः 97.26 प्रतिशत और 99.36 प्रतिशत क्षमता उपयोग प्राप्त किया गया ।
किसानों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कृभको ने अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। इसमें नीम कोटेड यूरिया के अतिरिक्त आयातित डीएपी, एमएपी, एमओपी, कॉम्प्लेक्स उर्वरक, जैव उर्वरक, कम्पोस्ट, प्रमाणित बीज, हाइब्रिड बीज, एसएसपी, जिंक सल्फेट, नेचुरल पोटाश, माइकोराइजा तथा सीवीड फोर्टिफाइड बायो-स्टिमुलेंट्स शामिल हैं। वर्ष के दौरान कृभको ने (यूरिया एवं पीएंडके उर्वरकों सहित) कुल 45.37 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की बिक्री की |
कृभको की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कृभको फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (केएफएल) ने भी सुदृढ़ प्रदर्शन किया। कंपनी ने 11.02 लाख मीट्रिक टन यूरिया तथा 6.68 लाख मीट्रिक टन अमोनिया का उत्पादन किया और क्रमशः 127.48 प्रतिशत तथा 133.16 प्रतिशत क्षमता उपयोग हासिल किया। केएफएल ने वर्ष के लिए ₹14.40 करोड़ का लाभांश घोषित किया ।
कृभको के प्रबंध निदेशक श्री एस. एस. यादव ने उपस्थित प्रतिनिधियों को कृभको एवं इसकी सहायक कंपनियों द्वारा उत्पादन और परिचालन दक्षता के उच्च मानकों को निरंतर बनाए रखने के संबंध में जानकारी दी।
कृभको की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कृभको एग्री बिजनेस लिमिटेड (केएबीएल) भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। केएबीएल ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,919.35 करोड़ का कारोबार किया। घरेलू व्यवसाय में उल्लेखनीय विस्तार से इस वृद्धि को बल मिला, जिसमें ₹1,436.81 करोड़ का योगदान रहा, जबकि निर्यात बिक्री ₹482.54 करोड़ रही।
वहीं, कृभको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (केजीईपीएल) गुजरात के हजीरा तथा आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में दो संयंत्रों का निर्माण कर रही है, जिनके वित्त वर्ष 2026-27 में परिचालन शुरू होने की संभावना है।
ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत कृभको की सामाजिक संस्था ग्रामीण विकास ट्रस्ट आजीविका, पर्यावरणीय स्थिरता तथा वंचित समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार को समाहित करते हुए समुदाय-आधारित एवं व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकने वाले मॉडल विकसित करने का कार्य निरंतर कर रही है।
भारत सरकार के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप कृभको सहकारी क्षेत्र में बीज एवं निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कृभको भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) की प्रमुख प्रवर्तक तथा नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (एनसीईएल) और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (भारत टैक्सी) की संयुक्त प्रवर्तक है। ये पहलें सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही हैं।
अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कृभको को एफएआई, पीआरएसआई तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा कई पुरस्कार प्रदान किए गए।
वार्षिक आम सभा के दौरान कृभको ने भारत के सहकारी आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो प्रतिष्ठित सहकारिता व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया। गुजरात के श्री शंकरभाई चौधरी को कृभको “सहकारिता शिरोमणि पुरस्कार” तथा मध्य प्रदेश के श्री भगवान सिंह यादव को कृभको “सहकारिता विभूषण पुरस्कार” प्रदान किया गया ।




