*नहीं रुक रहा मनरेगा भ्रष्टाचार,हाजिरी में हो रहा बड़ा खेल*
दोपहर दो बजे के बाद लगाई जाती है हाजिरी,दूसरी हाजिरी फोटो पोर्टल से गायब
लंभुआ, सुलतानपुर
विकास खंड लंभुआ के ग्राम दहेवोगोपाल पट्टी सहित कई गांव में 350 मनरेगा मजदूरो ने पोर्टल पर मौजूद अभिलेख के अनुसार शुक्रवार को कार्य किया है। जबकि मनरेगा कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का मामला लगातार सामने आ रहा है। ताजा मामले में मजदूरों की हाजिरी और फोटो अपलोड में भारी अनियमितता उजागर हुई है, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मनरेगा साइट पर मजदूरों की हाजिरी दोपहर दो बजे के बाद लगाई गई है।आरोप है कि बिना वास्तविक कार्य कराए ही दहेवगोपाल पट्टी में भरे हुए तालाब पर मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। दहेव गोपाल पट्टी में मौजूद तालाब पर कोई मजदूर काम करते हुए नहीं दिखे।जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, मनरेगा पोर्टल की माने तो यह सारी हाजिरी मेट अनीता द्वारा लगाई गई है।। वही दहेवगोपाल पट्टी की अनीता मेट ने फोन पर बताया कि तालाब पर कोई कार्य नहीं चल रहा है। मेरी मोबाइल मेरे पति ले गए थे। मनरेगा मजदूरों की हाजिरी कैसे लगी इसकी जानकारी मुझे नहीं है। जबकि इसी गांव में अनीता मेट के नाम से मनरेगा मजदूरों में रोशनी,शमापरवीन,राजकुमार वर्मा,मुस्कान,मालती देवी रामकली,गीता,राजेश रुचि तिवारी,राजेश कुमार पाल लक्ष्मी देवी आदि मजदूरों की हाजिरी मनरेगा पोर्टल पर लगी हुई है।
ग्रामीणों और सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। बताया जा रहा है कि जिले के डीसी मनरेगा, जिन्हें लंभुआ विकास खंड का प्रभारी बनाया गया है, उनके संरक्षण में यह गड़बड़ी फल-फूल रही है। साथ ही रोजगार सेवक, प्रधान और सचिव पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस संबंध में जानकारी के लिए जब डीसी मनरेगा/प्रभारी खंड विकास अधिकारी लंभुआ अजीत सिंह से जानकारी चाही तो उनका फोन नहीं उठा।वही जब टी.ए. अवधेश यादव से इसकी जानकारी चाही गयी तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।। एपीओ मनरेगा नवीन मिश्रा ने बताया कि बात बाद में होगी। हम अभी बाहर हैं।।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराता है या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाता है।





