01 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में उत्तर प्रदेश का बड़ा कदम, अप्रेजल समिति ने 10 निवेश प्रस्तावों को दी मंजूरी विकसित भारत की नींव
विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर बनेगा मजबूत आधार
विकसित भारत की नींवको मजबूत करने में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
.उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने मे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की बडी सहभागिता होगी।
अप्रेजल समिति ने 10 प्रस्तावो की स्वीकृति की प्रदान
लखनऊ :02 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमियों को प्रोत्साहन व सुविधाएं देने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। इस सेक्टर में प्रदेश में बहुत तेजी से काम करते हुए जहां किसानों के उत्पादों के प्रसंस्कृत कराते हुए उन्हें सुविधाएं मुहैय्या कराने के साथ उनके भण्डारण आदि के बारे में भी सार्थक कदम उठाए गए हैं ,वहीं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इससे जोड़कर महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावी व ठोस कार्य किये गये हैं, यही नहीं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं।विकसित भारत की नींव को मजबूत करने में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने मे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की बडी सहभागिता हो, इसके लिये उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन मे
ठोस व प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं।
नतीजा है कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है,उत्तर प्रदेश मे सबसे अधिक खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग स्थापित हैं। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है, आई.टी. सेक्टर के बाद यह सर्वोच्च प्राथमिकता वाला सेक्टर है, जिसमें रोजगार के असीमित अवसर है।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर्स में इच्छुक उद्यमियों द्वारा विभिन्न जनपदों में एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किये गये हैं, जिनके माध्यम से प्रदेश में रोजगार, किसानों की उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा।खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर्स में ई-कॉमर्स, निर्यात के बढ़ते अवसरों और प्रसंस्करण तथा पैकेजिंग में तकनीकी प्रगति के कारण इस क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि होने की असीम सम्भावनायें उम्मीद है।प्रदेश में बेरोजगार नव युवक-नव युवतियों, एफ.पी.ओ. आदि को खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर्स में प्रशिक्षित कराने के उद्देश्य से बड़ी संख्या मे लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है। प्रदेश मे अधिक से अधिक इकाइयो की स्थापना कराये जाने व निवेश कराने के भरसक प्रयास किये जा रहे है।
अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी एल मीणा की अध्यक्षता में तथा विशेष सचिव खाद्य प्रसंस्करण श्री टी के शीबू की गरिमामयी उपस्थिति में उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अन्तर्गत शुक्रवार को अप्रेजल समिति की बैठक खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के सभाकक्ष में आयोजित की गयी।
अप्रेजल समिति के समक्ष 12 प्रस्तावों को प्रस्तुत किया गया, जिसमे से 10 प्रस्तावो को अप्रेजल समिति द्वारा मंजूरी प्रदान करते हुये
राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किये जाने की संस्तुति की गयी।
जनपद सहारनपुर से 2, सीतापुर से 1 अम्बेडकरनगर से 1, शाहजहांपुर से 1, लखनऊ 1, पीलिभीत से 1, अलीगढ़ से 1, बरेली से 1, मेरठ से 1 प्रस्तावों का अप्रेजल समिति द्वारा अनुमोदन किया गया।
समिति द्वारा पूर्व में स्वीकृत एवं पूर्णतः स्थापित इकाईयों यथा मेसर्स औरा एग्रोटेक प्रा०लि०, गोरखपुर को कुक्कुट कैटिल फीड एवं जुपीटर फूड प्रोड्क्ट्स इण्डिया प्रा०लि० एटा को चिकोरी के प्रसंस्करण हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। उपस्थित नव निवेशकों द्वारा कर्तलध्वनि से उद्यमियों का अभिवादन किया गया।
निवेशको से अपेक्षा की गयी कि स्थानीय कृषको की आय मे इजाफा करने हेतु कृषको/ कृषको के समूहो से ही कच्चे माल की आपूर्ति करने हेतु विशेष रूप से प्राथमिकता दी जाय।
स्थानीय कृषको से रा-मटेरियल क्रय करने की आवश्यकता पर विशेष रूप से बल दिया गया। निवेशको से यह भी अपेक्षा की गयी कि
कि स्वदेशी अपनाओ की सरकार की मन्शा के अनुरूप खाद्य प्रसंस्करण इकाइयो की स्थापना मे भारत मे ही निर्मित मशीनो के क्रय करने व प्रयोग करने पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाय
खाद्य प्रसंस्करण इकाइयो की स्थापना मे महिलाओ को आगे आने व प्रसंस्करण इकाइयो के सोलराइजेशन की आवश्यकता पर बल ल दिया गया, इसमे देय सब्सिडी का भी उल्लेख किया गया।





