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प्रेम जाल, ब्लैकमेल और फिर जंगल में दफन सच: श्रावस्ती में महिला की निर्मम हत्या का खुलासा, आरोपी सूरज वर्मा गिरफ्तार!

प्रेम जाल, ब्लैकमेल और फिर जंगल में दफन सच: श्रावस्ती में महिला की निर्मम हत्या का खुलासा, आरोपी सूरज वर्मा गिरफ्तार!

( रिपोर्ट: बालकृष्णपडे
श्रावस्ती जनपद में प्रेम प्रसंग की आड़ में रची गई एक खौफनाक साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना मल्हीपुर क्षेत्र में 17 फरवरी 2026 को लापता हुई महिला आंचल मिश्रा उर्फ अन्ती मिश्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी सूरज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। यह सनसनीखेज खुलासा उस समय हुआ जब तीन मार्च को मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ककरदरी जंगल से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया।
पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस मामले को गंभीरता से लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चन्द्र उत्तम और क्षेत्राधिकारी भिनगा सतीश कुमार शर्मा के कुशल पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र कुमार सिंह और उनकी टीम ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी सूरज वर्मा, निवासी भवनिया दा0 जमुनहा भवनियापुर थाना मल्हीपुर, का मृतका आंचल मिश्रा से पिछले तीन से चार महीनों से मोबाइल के जरिए संपर्क था। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान आंचल मिश्रा आरोपी को ब्लैकमेल कर पैसों की मांग करने लगी थी। पैसे न देने पर थाने में शिकायत करने की धमकी दी जाती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा और गुस्से में आकर सूरज वर्मा ने 17 फरवरी को आंचल की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को जंगल में छिपा दिया ताकि राज खुल न सके।
इधर 19 फरवरी को मृतका के पति संतोष मिश्रा ने पत्नी के लापता होने की गुमशुदगी थाना मल्हीपुर में दर्ज कराई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। आखिरकार आरोपी की निशानदेही पर तीन मार्च 2026 को ककरदरी जंगल से महिला का शव बरामद किया गया।
घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए मल्हीपुर पुलिस ने मुकदमा संख्या 40/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत आरोपी सूरज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी राप्ती बैराज के पास ग्राम लक्ष्मनपुर कोठी से की गई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। वर्ष 2011 में धारा 354 भादवि, धारा 379 और 411 भादवि के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा 110G सीआरपीसी, यूपी गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1), 3/25 आर्म्स एक्ट सहित कई मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है। वर्ष 2016 और 2017 में भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई थी।
गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र कुमार सिंह के साथ उपनिरीक्षक योगेन्द्र बाबू, उपनिरीक्षक चन्द्रोदय मिश्रा, हेड कांस्टेबल कर्मवीर सिंह, कांस्टेबल कुलदीप किशोर श्रीवास्तव, कांस्टेबल अनुराग वर्मा और महिला कांस्टेबल रीतू पाण्डेय शामिल रहीं।
श्रावस्ती की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मोबाइल के जरिए पनपते रिश्ते किस कदर खतरनाक मोड़ ले सकते हैं। एक परिवार की खुशियां उजड़ गईं, एक पति ने पत्नी को खो दिया और एक प्रेम कहानी ने अपराध का रूप ले लिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

 

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